उन दिनों मैं हालही मे 18 वर्ष का हुआ था और मेरे मन मे चुदाई का भुत सवार था। मेरी माँ भी कुछ कम नहीं थी उन दिनों वो किसी परी की जैसी लगती थी जैसे मेरे School की टीचर। मेने अपनी माँ को उन्ही के कमरे मे ही चोद दिआ। और इससे जन्म हुआ एक नया और Hindi sex story mom की.
आजका Chudai kahani को लिखते समय मुझे बहुत पुराना Maa beta sex story के बारे मे कुछ बात याद आया। उस समय मेने अपनी सौतेली माँ की चुदाई किआ था और उन्हें जवानी के दिन फिर से जीने का मौका दिआ था।
इस Hindi sex story mom को याद करने के बाद मुझे लगा की आपको भी इसे सुनना चाहिए। इसलिए आजका इस काहानी को लिख रहा हूँ तो सब लोग अपने Sex की परम सुख को अनुभव करने केलिए तैयार हो जाओ।
काहानी का किरदार
इस काहानी मे दो ही किरदार हैँ एक मैं मेरा नाम सागर है और दूसरी है मेरी माँ (सौतेली माँ) उनका नाम कोयल है।
एक तरफ मैं जवानी के बस कदम रखा था और दूसरी तरफ मेरी माँ अपनी हरी भारी जवानी को सबके साथ बाँटना चाहती थी। मैं थोड़ा छुपा रुस्तम आदमी हूँ और लड़कियां मेरी कमजोरी हैँ। किसी भी लड़की को देखते ही मेरा खड़ा हो जाता है। हलाकि यह सायेद जवानी का असर है या कुछ और पता नहीं।
मेरी माँ अभी अभी 29 साल की है और इस भारी जवानी मे अपना जिश्म ऐसे दिखाती है जैसे सबको बुला रही हो। मेरी माँ की जवानी किसीका भी लंड खड़ा कर दे और वो थोड़ी शर्मीली हैँ।
Maa bete ki chudai kahani का शुरुवात
बात उन दिनों की है जब मैं (सागर) Porn बहुत देखा करता था, पापा अपने काम मे हमेशा व्यस्त रहते थे और जो की मेरी बहन बड़ी हो गयी थी इसलिए उसकी शादी के बारे मे पापा बहुत चिंता करते थे।
और यही कारण था की पापा अब जरुरत से ज्यादा काम मे व्यस्त हो गए थे। इस तरह से करीब 2 महीने गुजर गए। पहले पहले तो माँ बहुत खुश थी लेकिन धीरे धीरे उजे चेहरे पर से हंसी गायब हो गयी थी।
मेने कई बार उनसे पूछा की इसका कारण क्या है क्यों आजकल आप खुश नहीं दिखती। लेकिन वो अपनी मन की बात मुझे कहे नहीं पाती थी। लेकिन जिस तरह से वो अपनी कपडे पहनती थी उसे देख कर किसीका भी लोडा खड़ा हो जाएगा।
मेरा भी मन कई बार उनको चोदने का किआ लेकिन रिश्ता बिच मे आए गया और मैं मुठ मार कर सो जाता था। ऐसे ही कई बार कई रातों तक मेने माँ को याद करते हुए मुठ मारा था। लेकिन अब तक चुदाई का सुख नहीं मिल पाया था।
ऐसे मे एक दिन यह मौका मिला और उस दिन मेने अशली चुत का स्वाद भी चखा। माँ ने भी अपनी जवानी को फिर से जी पाया और मुझे और भी ज्यादा प्यार करने लगी।
Hindi sex story mom अगला भाग
उस दिन पाओ सुबहे ही अपने काम पर चले गए और काहा की रात को देरी से घर आएंगे। अगर ज्यादा देर हो जाए तो वो नहीं आएंगे। और फिर बहन कॉलेज चली गयी और घर मे हम माँ बेटा रह गए।
माँ को उस दिन कमर मे दर्द हो रहा था और वो सेहेन भी नहीं कर पा रही थी। बार बार वो अपनी दर्द को छुपाने रही थी। मैं यह सब देख कर खुद को रोक नहीं पाया और उनसे पूछा।
मैं:- क्या हुआ माँ ठीक तो हो?
माँ:- हाँ बेटा ठीक हूँ बस थोड़ा दर्द है कमर मे।
मैं:- बैठीए मैं आपका कमर दबा देता हूँ।
माँ:- नहीं बेटा तू रहने दे यह दर्द ऐसे नहीं जायेगा।
मैं:- नही नही आपको दर्द हो रहा है आप बेठो मैं आपको मालिश कर देता हूँ.
माँ:- रहेने दे बेटा तुझे काम होगा.
मैं:- माँ मुझे कोई काम नही है आप आओ इधर लेटो.
माँ:- ठीक है Bed में लेटती हूँ.
मैं:- ठीक है आप जाओ मैं तेल लेके आता हूँ.
मैं तुरंत तील लेके आ गया और Mom bed पर सो रही थी, उनका तबियत कुछ ठीक नही लग रहा था ऐसा लग रहा था की बहुत जादा महेनत की है. मेने मालिश करना शुरू किआ. क्या बताओं दोस्तों मेने अपनी सोतेली माँ की बदन को जब पहेली बार छुआं तो मेरे बदन में करंट जेसा लग गया.
उनकी बदन ऐसा था मानो कुदरत ने फुर्सत से बनाया हो, मेरा मन तो बस मेरी सोतेली माँ को चोदने केलिए बेताब था. मेने कब उनकी गांड में हाथ लगाया और कब कमर दबाया मुझे ही पता नही चला. फिर भी वो मेरी माँ है इसलिए मेने खुद पर कण्ट्रोल किआ और मेरी माँ की कमर में मालिस करता रहा.
थोड़ी देर बाद माँ होश में आई और थोडा ठीक होने लगी. मुझसे बात करने लगी.
माँ:- बहुत अच्छा बेटा मालिस कहाँ से सिखा?
मैं:- ऐसे ही जेसे सब करते हैं वोही तो किआ
माँ:- अच्छा लग रहा है तेरे पापा कभी कर नि देते.
मैं:- सच में ! हाँ वो भी तो काम में बिजी रहेते हैं.
माँ:- हाँ येही तो परेशानी है.
मैं:- क्या परेशानी है माँ मुझे बताओ मैं ठीक कर दूंगा.
माँ:- रहेने दे तुझसे नही होगा तू मालिस कर दे बस.
Maa beta sex story में माँ हुई गरम
मैं मालिश कर रहा था और माँ के बदन का मजा ले रहा था. इधर निचे मेरा लंड बहार आने केलिए तड़प रहा था. माँ ने तो कुछ बोला नही लेकिन मेने अपने तरफ से धीरे धीरे करके उनको गरम करना शुरू किआ. सोचा अगर वो कुछ बोलेंगी तो मैं रुक जाऊँगा.
मेने पहेले माँ की साडी को धीरे धीरे करके ऊपर उठाया और मालिस करने के बाहाने बदन के हर हिस्से तक पहूंचता रहा. फिर अचानक मेरा हाथ माँ की ब्लाउज में लगी और मेने जान बुझ कर कसके दबा दिया. इससे माँ कुछ बोली ही बस शह्ह स्सस्सस्सस जेसे आवाजें निकाल रही थी.
मेने फिर से अपना हाथ को चूची के तरफ ले गया और इस बार थोडा जोर से चूची को ब्लाउज के ऊपर से दबा दिया. इससे माँ ने भी कुछ नही बोला उनको अच्छा लग रहा था सायेद. लेकिन मेरा हिम्मत और बढ़ गया तो मेने कंधे के ऊपर से मालिस करते हुए चूची को टच करने का कोशिश किआ.
धीरे धीरे करके मेने अपनी माँ की चूची को टच किआ और दबाता रहा लेकिन मेरा हाथ अभी भी बस ऊपर से ही सब कुछ मेहेसुश कर पा रहे थे. कुछ देर तक ऐसा चलता रहा और मेने हिम्मत करके माँ के ब्लाउज में हाथ घुसा दिया.
जेसे ही मेने हाथ घुसाया दो बड़े बड़े चूची मेरे हाथों में ऐसे चिपके जेसे वो मेरे लिए ही बने हुए हैं. और जेसे ही मेने जोर से उन्हें दबाया माँ ने आआह्ह्हुच करके आवाज दिया.
माँ:- क्या कर रहा है बेटा धीरे से कर.
मैं:- माँ आप यह सब कपडे निकाल दो ना मालिस करने में जादा मजा आयेगा.
माँ:- तू मेरा बेटा है तेरे सामने कपडे खूलोंगी क्या.
मैं:- ठीक है फिर मैं ऊपर से ही कर देता हूँ सब तेल कपडे में लगेगा.
माँ:- हाँ ठीक है कर.
बस फिर क्या मेने अपना हाथ जहां तक जा सकता था वो सब जगह पर मालिस किआ. ब्लाउज के ऊपर से माँ की चूची को दबाया और साडी के ऊपर से ही चूत का मालिस किआ. ऐसा करते हुए मेरी माँ की चूत में खुजली बढ़ गयी और वो बोली:-
माँ:- एक काम कर ब्लाउज खोल दे.
मैं:- सच में खोल दूं?
माँ:- हाँ अब खोल दे ऐसे अच्छा नि लग रहा है.
मैं:- ठीक है Bra के ऊपर से कर देता हूँ.
माँ:- ठीक है मैं Bra, Panty में सो जाती हूँ तू मालिस कर दे.
फिर माँ अपनी सदी और ब्लाउज को खोल दी और Bra, Panty में सो गयी. और मेरी ऑंखें ऐसी रंडी को बिस्तर पर पड़ा देख कर खुद को रोक नही पाया. और मैं माँ के कामार में बेठ गया और जोर जोर से सब कुछ दबाता रहा.
Maa ki sex kahani चूत में दिया हाथ
माँ:- आआआआह बेटा बहुत अच्छा.
मैं:- मजा आ रहा है Mom?
माँ:- हाँ बहुत अच्छा कर रहा है
मैं:- कहीं और भी कर दूं क्या?
माँ:- कहाँ सब तो कर रहा है.
मैं:- एक जगह बाकी है वहां भी कर दूं क्या?
माँ:- कहाँ बाकि है कर दे.
मैं:- माँ के Panty में हाथ घुसाते हुए कहा इहाँ बाकी है.
माँ:- sssssssssss कर दे बेटा कर दे.
मैं:- आपकी चूत तो गीली हो गयी है.
माँ:- हाँ कबसे गीली पड़ी है.
मैं:- तो आपने मुझे कहा क्यों नही.
माँ:- केसे बताती तेरी माँ हूँ.
मैं:- अब इसकी पानी निकाल दूं?
माँ:- हाँ बेटा जल्दी निकाल दे.
मेने फिर अपना ऊँगली माँ के चूत में डाला और जोर जोर से अन्दर बहार करने लगा. माँ इससे और उत्तेजित होने लगी और मुझे पकड़ कर किस करने लगी.
माँ:- उम्म्म्म छ्ह्ह स्स्स्स
मैं:- अह्ह्ह्ह क्या गर्मी है उम्मा.
माँ:- माँ की चूत पसंद आया बेटा?
मैं:- हाँ माँ आपको तो बहुत बड़ा है.
माँ:- माँ की चूत खायेगा बेटा?
मैं:- डौगी तो खा लोंगा माँ.
माँ:- तो आजा यह ले चूस.
माँ ने खुद ही अपनी Panty उतार दी और मुझे निचे बिठा कर अपनी चूत मेरे मुंह में घुसा दी. मैं चूत को चुस्त रहा और माँ मेरे मुंह में हिलती रही.
माँ:- आह्ह्हह्ह आऐईई स्स्स्स.
मैं:- उम्म्म्मह उम्म्मम्हं उम्म्म्हं
माँ:- तेरा लंड दिखा ना केसा है.
मैं:- आप ही देख लो
Maa beta chudai ki kahani में माँ ने घुसाया अपने चूत में बेटे का लंड
माँ ने मेरा Pant उतारा और मेरा लंड को मुंह में लेकर चूसने लगी, फिर कुछ देर बाद मेरा लंड पे बेठ गयी और चुदती रही. मेरा तो आवाज ही नही निकला. मैं जो करना चाहता था वो अब अपनाप हो रहा था मैं तो सीधा जन्नत में पहुँच गया था.
मैं:- बहुत अच्छा लग रहा है माँ.
माँ:- तेरे पापा के साइज़ का है तेरा भी.
मैं:- अच्छा तो मैं आपको खुश कर पाऊंगा ना?
माँ:- चोदता रहे मुझे देखा जायेगा.
मैं:- ठीक है तो फिर यह लो मजा.
माँ:- आः हाह्हः हाआह्ह्ह अन्न्नन्न ऊऊऊउ धीरे कर धीरे आःह्ह्ह
मैं:- आज तो इस चूत को मसल दूंगा माँ.
माँ:- बेटे से चुदने का मजा आज पता चला है चोद बेटा चोद
मैं:- और तेज करून?
माँ:- मेरे गांड में भी दाल चोद मुझे पानी निकाल दे मेरा प्लीज.
मैं:- अब रहा नही जाता माँ मेरे हिसाब से चोदोंगा अब.
माँ:- जेसा मन करे मेरी चुदाई कर, बड़ा मजा आया है आज स्स्स्स.
फिर मेने कुछ भी नही देखा अपनी माँ को जेसा मन किआ वेसा चोदता गया, कभी घोड़ी बनाया तो कभी खड़े हो कर चूत मारता रहा. कभी अआः की आवाज तो कबी उस्स्श्ह तो औच तो कभी उईई. इस तरह से हम दोनों ने ऐसे Maa beta chudai ki kahani की पूरा कमरा Sexy हो गया.
माँ भी मेरा पूरा साथ दे रही थी आखिर औरत है चुदने का तरीका पता ही है. बस फिर क्या था इस तरह का चुदाई का मजा सायेद ही मेने कभी लिया होगा. माँ को चोदने में महेनत नही करना पड़ा वो खुद ही सब कर लेती थी.
और करीब एक घंटे तक चोदने के बाद मेरा पानी निकल गया लेकिन माँ की गर्मी अभी शांत नही हुआ था. तो उन्होंने मुझे रुकने नही दिया. मेरा लंड को चुस्ती रही और जब मैं तेयार हुआ तो फिर से मेरे लंड पे बेथ कर चुदने लगी.
इस तरह से हम दोनों की चुदाई करीब 3 घंटा तक चला और फिर माँ शांत हो गयी. पूरा शारीर लंड और चूत के पानी से नहाया हुआ था दोनों के शारीर में ख़ुशी का पानी मजूद था.
मैं:- नहा लेता हूँ.
माँ:- अकेले कहाँ जा रहा है साथ नाहाते हैं आजा बेटा.
मैं भी उनके साथ bathroom में चला गया और दोनों एक दुसरे को साफ़ किआ और फिर से बहाते हुए चुदाई हुआ. इस बार तो और भी मजा आ रहा था. और फिर शाम हो गयी और माँ ने मेरे लिए चाय बनाया. हम दोनों चाय पिटे हुए TV देखने लगे और एक दुसरे को सेहेलाते रहे.
इस तरह से आजका Hindi sex story mom का अंत हुआ. आज भी पापा जब घर में नही होते हैं मैं और मेरी सोतेली माँ शुरू हो जाते हैं. एक बार तो बच्चा रहे गया था जिसे माँ ने नष्ट कर दिया. आज हम घर में सब लोग खुश हैं. लेकिन मेरी बहन को यह बात पता चल गया है.
—– Hindi sex story mom – THE END ——
अगली काहानी में बताऊंगा की केसे मेने और माँ ने मेरी बहन को मनाया और फिर हम तीनों ने एक साथ चुदाई किआ. उस काहानी को सुनने केलिए मुझे कोम्मींत में सेकंड पार्ट लिख कर भेजो. अगर जादा कमेंट आया तो मैं वो काहानी भी आप केलिए लिखूंगा.
क्या माँ बेटा के बिच सम्भोग हो सकता है?
हाँ, हो सकता है बाहार के देशों में यह होता भी है. अगर माँ खुश नही है और वो आपसे चुदने की इच्छा रखती है तो आपका यह फ़र्ज़ है उनको ख़ुशी दो.
क्या रिश्तों में Sex कानून है?
नही, भारतीय कानून के मुताबिक रिश्तों में Sex करना गैर क़ानूनी है. ऐसा करने पर आपको समाज गन्दी नजर से देखेगा और आपका इज्जत भरे बाजार में नीलाम हो जायेगा.
क्या माँ को चोद सकता हूँ?
हाँ, अगर आपकी माँ भी आपसे चुदने केलिए तेयार है तो बेशक आप उन्हें चोद सकते हो और ख़ुशी का एक पल दे सकते हो. लेकिन ध्यान रहें इस बात का पता किसीको ना चले.