आगर आप सबसे अच्छा Desi Ladki ki Chudai वाली काहानी सुनना चाहते हैं तो आजका चुदाई काहानी आपके मन को शांति देगा. आजके काहानी में मेने अपने जीवन के उस घटना को उल्लेख किआ है जो मेरे जीवन का एक बहुत सुन्दर चुदाई था.
आपसे निवेदन है की कृपया इस काहानी को अंत तक पढ़ें और अपने लोडे को हिला कर शांति प्राप्त करें. लडकी लोग यदि इस काहानी को पढ़ रहे हैं तो अपनी चूत की खुजली मिटाने केलिए घर में से गाजर, बेंगन या मुली को ले लो.
आगे मैं बताऊंगा कब इन्हें अपनी चूत में डालना है और कब अपने लंड को जोर जोर से हिलाना है. तो चलो बिना समय व्यतीत किए इस काहानी को शुरू करते हैं.
Desi Ledki ki Chudai काहानी का आरम्भ
बात उन दिनों की है जब मैं मुंबई मे नौकरी की क्योंजी मे गया हुआ था। अच्छी नौकरी तो मिला नहीं इसलिए मैं एक बड़ी ईमारत मे इलेक्ट्रिक का काम करने लगा।
ईमारत 21 मंजिल का था और उसमे कई सुन्दर लड़कियां रहती थी। और ऐसे ऐसे कपडे पहनती थी की मुझे दिन मे कमसेकम कम दो बार मुठ मारना पड़ता था।
दिन अच्छा गुजरता था और मेरा लंड भी शांत हो जाता था। शाम को दारु पी कर सो जाया करता था। लेकिन अब तक मेरा लंड ने किसीका चुत का स्वाद नहीं लिआ था और मैं एक चुदासी लड़की की खोज मे था।
फिर हुआ मेरे भाग्य मे बदलाव जब मेरा मामा गाऊँ से एक लड़की को काम करने केलिए मुंबई लेकर आया। लड़की सुन्दर थी इसलिए मामा भी उसीके पीछे पड़ा था।
कुछ दिन वो लड़की मामा के घर मे रही लेकिन बाद मे मामी ने झगड़ा किआ इसलिए मामा ने मुझे बताया की घर मे यह समस्या है। मेने काहा की अगर समस्या है तो आप मेरे पास उस लड़की को छोड़ सकते हो।
मामा:- अरे तू अकेला रहता है एकेली लड़की को कैसे छोड़ सकता हूँ।
मैं:- मैं तो दिन भर काम मे रेहेता हूँ शाम को आता हूँ।
मामा:- वो सब ठीक है लेकिन लड़की एकेली है ना।
मैं:- हाँ वो रहेगी तो मेरा भी काम आसान हो जाएगा। खाना बना देगी और शाम को वैसे भी मैं बाहार रेहेता हूँ।
मामा:- कुछ गड़बड़ हुआ तो क्या करेंगे।
मैं:- क्या गड़बड़ होगा उसके लिए घर खोजते हैँ तब तक मेरे साथ रहे सकती है।
मामा:- तिल है पूछ के बताता हूँ, कभी कभी मैं आ जाया करूंगा।
मैं:- दिन भर तो वो अकेली रहेगी कभी भी मिल लेना, मैं तो रहूंगा नहीं।
मामा:- ठीक है बताता हूँ तू सोच ले एक बार और।
मामा अपने घर चले गए और फिर डुपहर को मुझे फ़ोन किए। मामा ने बताया की शाम को लड़की को लेकर मेरे घर मे आएंगे, इसलिए मुझे थोड़ा जल्दी जाने केलिए काहा।
मेने भी लड़की को पहले देखा नहीं था तो सोचा इस बाहने रात का भी जुगाड़ हो जाएगा। कमसेकम कम मौका तो मिलेगा चोदने का। इसलिए मैं भी उस दिन जल्दी घर आ गया।
घर पाहूँचा और थोड़ा साफ सफाई कर लिआ और मामा थोड़ी देर बाद आ गए। लड़की पीछे थी जब वो मेरे घर मे घुसी तो मेरा मुंह खुला ही रहे गया।
इतना गोरा और सेक्सी लड़की सायेद ही मेने कभी देखा होगा। और ऊपर से वो अब मेरे साथ रहने वाली थी। ऐसे मे मेरा दिमाग़ थोड़ी देर केलिए काम करना बंद कर दिआ था।
मामा ने मुझे बोला की सीमा अब यहीं रहेगी जैसे ही घर मिलेगा वो चली जाएगी। लड़की का नाम था सीमा जो दिखने मे किसी हीरोइन जैसा लग रही थी।
मेने भी मामा का साथ दिआ और थोड़ा सहयोग किआ जिससे लड़की भी थोड़ी आराम मेहेसूस की। मेने चाय बनाया और हम तीनो ने चाय पिया उसके बाद मामा चले गए।
कुंवारी लड़की की चुदाई आगे की काहानी
अब घर मे थे मैं और सीमा (लड़की का नाम) दोनों पहेली बार एक दूसरे को देखे थे इसलिए बात करने मे थोड़ा अजीब कांग्रेस रहा था। सीमा भी शर्मा रही थी और मैं उसकी तरफ देख कर कमुख हो रहा था।
डर भी लग रहा था की कहीं मुझसे कुछ गलत ना हो जाए। दिखने मे सीमा बहुत चालाक और आजके जमाने की लड़की लग रही थी। जीन्स और टॉप मे उसकी दोनों चूचियां बाहार झाँक रहे थे।
मेरा मन कर रहा था की अभी इन्हे मसल दूँ लेकिन नहीं कर सकता था, क्योंकि अभी अभी तो हम मिले थे अभी कैसे चोद दूँ। इसलिए मेने थोड़ा समय देने का सोचा।
उस दिन हम दोनों ने खाना बनाया और कुछ कुछ बातें करते हुए सो गए। सीमा बिस्तर पर सो गयी और मुझे निचे सोना पड़ा। कुछ देर बाद मेने मुठ मार कर खुद को शांत किआ।
ऐसे ही दिन गुजरते गए और हम दोनों मे अच्छा जान पहचान होने लगा। करीब 6 दिन बीत चुके थे और अब हम दोनों मे बात चित अच्छी होती थी। दोनों दोस्त बन गए थे और खुल कर सारी बातें करते थे।
मैं सीमा की छबि निचे दे रहा हूँ आप लोग देख कर उसकी फिगर पता कर सकते हो। ऐसे ही एक दिन मेने काहा की चल दारु पीते हैँ।
सीमा:- तुम पीते हो क्या?
मैं:- हाँ रोज पिता था आज सोच रहा हूँ थोड़ा सा पी लूं।
सीमा:- ठीक है तुम पीओ मैं यह सब नहीं पीती।
मैं:- ठीक है कोई बात नहीं अच्छी लड़की हो तुम तो।
सीमा:- हाँ तुम्हे भी नहीं पीना चाहिए, लेकिन तुम तो मानोगे नहीं है ना?
मैं:- हाँ मैं क्यों मानों मेरा तो रोज का है तुझे पीना है तो आज़ा।
सीमा:- नहीं तुम लगे रहो।
मैं:- तो एक काम कर थोड़ा पकोड़ा बना दे ना मजा आएगा।
सीमा:- मुझे क्या मिलेगा?
मैं:- सोचने दो तब तक बनाओ तुम।
सीमा:- पक्का कुछ दोगे ना? नहीं दिए ना देखना फिर।
मैं:- अरे हाँ सोचने तो दे क्या दे सकता हूँ।
सीमा ने आलू का पकोड़ा बना दिआ और मेने मजे से उसके साथ दारु पीना शुरू किआ। कुछ समय बाद सीमा बोली।
सीमा:- क्या इतना पिए जा रहे हो छोडो अब इसे।
मैं:- अरे मैडम यही तो है मेरा साथी।
सीमा:- इधर मैं भी हूँ समझें।
मैं:- तो अब तुमसे प्यार थोड़ी कर सकता हूँ।
सीमा:- क्यों क्या प्रॉब्लम है।
मैं:- अरे डर लगता है कोई गड़बड़ हो गयी तो।
सीमा:- क्या गड़बड़ होंगी।
मैं:- किसीको पता चल गया तो मैं तो गया।
सीमा:- तुम बुधु हो एक नंबर के।
मैं:- पता है तुम्हे किस करने का मन करता है लेकिन कर नहीं सकता डर लगता है।
सीमा:- मैं कहाँ नहीं जाऊंगी तुम्हे।
मैं:- अच्छा एक किस दो फिर।
हलाकि मुझे नशा नहीं चढ़ा था मैं तो नाटक कर रहा था। इस बाहने मुझे थोड़ा मौका मिल गया। और सीमा भी पहले से मुझसे पट चुकी थी यह मुझे तभी पता चला था।
सीमा ने मुझे गाल पर एक किस दिआ और मेरे अंदर के सभी चीजें हिल गए। मेने भी उसे पकड़ कर जोर से किस कर दिआ।
सीमा:- अरे छोडो यह जानवर की तरह क्या कर रहे हो।
मैं:- आज नशे मे हूँ मेरी जान तुझे बहुत प्यार करता हूँ लेकिन केहे नहीं पाता।
सीमा:- क्यों करते हो मुझसे प्यार?
मैं:- तुम अच्छी लगती हो इसलिए।
सीमा:- अच्छा दारू पीके कुछ भी बक रहे हो।
मैं:- तुम्हे मज़ाक लग रहा है!!!! आओ तुम्हे दिखाता हूँ।
कुंवारी लड़की की चुदाई (सीमा हुई गरम)
अब मुझे पता था मैं क्या कर रहा हूँ और मेने इस नाटक को जारी रखा क्योंकि मुझे सीमा की चुत चाहिए था जो इस नाटक के द्वारा ही मिल सकता था।
मेने सीमा को जबरदस्ती पकड़ा और उसे चूमने लगा। सीमा छोडो छोडो की नारे लगा रही थी और मैं जोर दार चुम्बन कर रहा था। कभी उसकी चूची तो कभी उसकी कमर को सेहला रहा था।
फिर मेने उसकी जीन्स मे हाथ घुसा दिआ और उसकी चुत को पकड़ लिआ। सीमा चमक उठी। और मेने अपना ऊँगली घुसा दिआ।
सीमा:- सससससससस अरे यार…..छोडो मुझे पागल।
मैं:- कितना मस्त हो तुम बेबी थोड़ा प्यार करने दो ना।
सीमा:- कोई देख लेगा यार छोडो।
मैं:- कौन देखेगा आज मौका मिला है प्यार करने का।
सीमा:- अह्ह्हऊ ससससस उस्स्स्स….
मैं:- उम्म्म्म उम्म्म्म हुस्स्स्स…..
सीमा:- इतना प्यार करते हो क्या?
मैं:- बहुत करता हूँ मेरी जान है तू।
सीमा:- ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह सससससस पहले ससससस क्यों नहीं काहा।
मैं:- डर लगता है यार तुम बहुत सुन्दर हो।
सीमा:- अच्छा डर कागता है अब क्या कर रहे हो फिर।
मैं:- क्यों अच्छा नहीं लग रहा क्या?
सीमा:- पता नहीं (सरमाते हुए बोली)
मैं समझ गया की अब इस Ledki ki chudai होने वाली है यह गरम हो चुकी है। उसकी चुत गीली हो चुकी थी मेने हालात को समझा और अपना ऊँगली को जोर जोर से सीमा की चुत मे घुसाना सुरु किआ।
सीमा:- उम्म्म उस्स्स धीरे यार दर्द होता है।
मैं:- मजा भी तो आता है ना बेबी।
सीमा:- ह्म्म्मम्म ससससससस अअअअअ आआ आए…
मैं:- आपका कपड़ा खोलो ना देखना है मुझे।
सीमा:- नहीं जो करना है ऊपर से करो।
मैं:- अरे निकालो ना सामने देखना है।
सीमा:- ना यही ठीक है अब सो जाओ।
मैं समझ गया की यह साली शर्माती बहुत है जो करना है मुझे ही करना होगा। मेरा लंड तो पहले से ही खड़ा हो चूका था और अब इस Ledki ki chudai करने केलिए तैयार था।
Desi Ledki ki chudai हुआ
अब जो की मेरा लंड बहुत समय से खड़ा था इसलिए अब देर ना करते हुए मेने कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। सीमा एक ऐसी शर्मीली ledki थी जो खुद से चुदने वाली नहीं थी।
हलाकि वो गरम ही चुकी थी लेकिन उसे मुझे ही मेहनत करके चोदना पड़ेगा। इस्क मेने और देर नहीं किआ। जबरदस्ती सीमा की जीन्स को खिंच कर निकाल दिआ।
सीमा नाटक करते हुए रोकते हुए जीन्स निकाल ली और फिर मेने उसकी टॉप को भी उतार दिआ। अब मेरे सामने एक कुंवारी ledki पड़ी थी जो केवल Bra और Panty पहनी हुई थी।
मेने हवा मे ही उसकी चुत की सुगंध को मेहेसूस किआ और किसी शेर के मुछ की तरह मेरा लंड तन कर खड़ा हो गया। फिर मेने सीमा की चड्डी को थोड़ा साइट किआ और अपना लंड को घुसा दिआ।
सीमा:- रोको रोको प्लीज दर्द हो रहा है।
मैं:- यार इसमें दर्द काहाँ होगा पकडे रहो मुझे।
मेने एक धक्का लगाया और मेरा आधा लंड सीमा की चुत मे उतर गया। सीमा जोर से चीलाई लेकिन मेने उसके तरफ ध्यान ही नहीं दिआ।
मेने एक और धक्का लगाया और पूरा लंड सीमा की चुत मे उतार दिआ। अब सीमा मुझे कस कर पकड़ी हुई थी और मेरे लंड से अलग होने का प्रयास कर रही थी।
मैं भी जानता था ऐसा होने वाला है इसलिए मेने उसे जोर से पकड़ कर रखा था। पहेली बार मुझे पता चला की कैसे लड़कियों की सील टूटती है।
पूरा लंड लाल हो गया था मजा भी बहुत आ रहा था। सीमा की चुत इतनी गर्म और मुलायम थी की मन कर रहा था अभी पानी निकाल दूँ। लेकिन अभी मुझे मजा लेना था इसलिए मैं थोडा रोका और फिर घमासान चुदाई शुरू कर दिया.
सीमा दर्द से तड़प रही थी लेकिन मुझे नशा इतना चढ़ा था की मैं कुछ भी देख नही रहा था. इस दर्द में सीमा ऊऊ आआआअ उईईई जेसी आवाजें निकाल रही थी और एक रण्डी की तरह बिस्तर पर पड़ी हुई थी.
यह सर्मिली लडकियों का अलग ही चुतियापा है सब कुछ खुद को करना पड़ता है और साली लोग बस मजे लेते हैं. अगर ठीक से पेल नही पे तो दुसरे को दे देती हैं. उनका नाटक भी अलग ही है कहेती कुछ नही लेकिन जब चोदना शुरू करो तो साथ भी देती हैं.
सीमा:- आह आह आह ससससस ससस ससस
मैं:- केसा लग रहा है?
सीमा:- उस उस ससससस ह्म्म्मम्म।
मैं:- मजा आ रहा है बेबी?
सीमा:- पता नहीं ससससस ससस।
मैं:- और जोर से करूँ?
सीमा कुछ बोली नहीं बस शिशकियां ले रही थी और मैं चोद रहा था। अब तक तो सीमा की चुत फट चूका था और अब खून के जगह पानी पानी होने लगा था।
जिसका मतलब यह था की सीमा को अब मजा आने लगा था। लेकिन साली बता नहीं रही थी मेने ठान लिआ था इस Ledki ki chudai करके आज इसे सही मजा दूंगा।
और इसीलिए मेने चुदाई कार्यक्रम को और तेज कर दिआ। अब मैं किसी ट्रैन के तरह सीमा को चोदने लगा। और उधर से सीमा भी अपना गांड धीरे धीरे उछालने लगी।
इस चुदाई मे अब मदहोश भारी आवाज से अधिक पट पट की आवाजें आने लगी थी। मैं तो पागल सा होने लगा था और सीमा की होठों को जोर जोर से काट रहा था।
लाल Bra मे सीमा क़यामत लग रही थी और मेने उसकी Bra को खिंच कर फाड़ दिआ और दोनों चूचिओं को चूमने लगा।
सीमा:- पागल हो गए हो क्या?
मैं:- बता केसा लग रहा है, तेरी चूत आज फाड़ ही दूंगा.
सीमा:- धीरे धीरे करो ना अच्छा लग रहा है.
मैं:- तो बता ना बात कर और मजा आयेगा.
सीमा:- मुझसे नही होगा शर्म आती है.
मैं:- अभी भी शर्म लंड लेने के बाद भी?
सीमा:- हटो तुम मुझे नही करना अब.
मैं:- पानी निकल गया क्या तेरा आ ना निकाल देता हूँ.
सीमा:- नही पता नही नही करना.
मैं:- अरे काहान जाएगी मेरा लंड चूस ले फिर.
सीमा:- छि मैं यह सब नही करती.
मैं:- अरे आ ना नाटक करती है.
मुझे पता चल गया था की इस लडकी को अलग तरह से चुदनी है. मेने सीमा को जबरदस्ती खिंचा और उसे घोड़ी बनाया, वो भी आराम से बन गी और मेने अपना लंड को उसकी चूत में पेल दिया. इस बार लोडा एक ही धक्के में घुस गया और चूत भी पानी पानी हो रखा था.
मेने चुदाई शुरू किआ और सीमा मदहोश में अलग अलग आवाजें निकालने लगी. इस तरह से मेने सीमा की सिल तोड़ दिया और उसे अपना बनाया. कुछ दिन तक ऐसे ही चुदाई चलता रहा और एक दिन मामा ने हम दोनों को पकड़ लिया.
Desi Ladki ki Chudai के इस काहानी में आजका भाग बस साधारण था. अगले भाग में बताऊँगा की केसे मामा और मेने मिलकर सीमा की चुदाई किआ और सीमा ने दो लंड एक साथ लेकर क्या क्या किआ. लेकिन इस काहानी के अगली भाग को पढने केलिए आपको करना पड़ेगा कमेंट.
अगर अधिक से अधिक कमेंट आने लगे तो मैं Desi Ladki ki Chudai Part 2 को भी जल्दी लेकर आऊँगा. आज केलिए बस इतना ही और अगर आपके लंड और चूत से पानी निकल चूका है तो उसे साफ़ करो और आराम करो.
आज हमने क्या सिखा?
आज हमने Desi Ladki ki Chudai काहानी से सिखा की किसी भी लडकी के साथ अगर कुछ दिन रहोगे तो वो आपसे पट जाएगी और आपके साथ चुदाई में भी साथ देगी. और हमने देखा की केसे शर्मीली लडकियाँ चुदने केलिए तेयार तो होती है लेकिन कहेती नही है. जब लंड उनके चूत में घुसने लगेगा तबभी उनका असली रंग सामने आता है.
क्या मैं पड़ोस की लडकी को पटा सकता हूँ?
हाँ, आप किसी भी लडकी को पटा सकते हैं, बस आपको उसे अपनी प्रेमिका के रूप में देखना होगा और उसे एक प्रेमिका की तरह सेवा करना होगा तभी आप पड़ोस की लडकी को पटा सकते हैं.
क्या किसी लडकी की सिल तोड़ने में दर्द होता है?
हाँ, लडकी की चूत में पहेली बार जब लंड घुसता है तो उसकी सिल टूट जाती है और इससे लडकी को बहुत दर्द होता है. लेकिन कुछ समय बाद येही दर्द मजे में बदल जाता है. इसलिए आपके ऊपर निर्भर करता है की आप लडकी को किस तरह से पहेली चुदाई केलिए मना पाते हैं.
लडकी को केसे पटाए?
किसी भी लडकी को पटाने केलिए आपको उसके साथ दोस्ती करना पड़ेगा, फिर कुछ दिन उसकी सभी बातों को ध्यान से सुनें और उसका कहेना मानें फिर एक दिन उसे अपने दिल की बात कहें. यदि आपको वो पसंद करती होगी तो आपको चोदने भी दे देगी.